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ncfc of india limited - एक परिचय (About Us) :-
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ncfc of india limited, नेशनल कैटल फीड कारपोरेशन (ncfc) का एक सहयोगी स्थानापत्र (substitute) उपक्रम हैं, जो की भारतीय कंपनी अधिनियम 1956 के आधीन भारत सरकार द्वारा पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित हैं ; इसका निगमन निम्नलिकित सदस्य इकाइयों के विभिन् उत्पादों का राष्ट्रीय स्तर पर एक बैनर के नीचे विपणन (marketing), सेल्स प्रमोशन तथा प्रचार - प्रसार करने के उद्देश्य से करवाया गया हैं -
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1. नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन (ncfc क्या हैं?)
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नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन (ncfc) लिमिटेड, प्राइवेट लिमिटेड, (कोर्पोरातेद कंपनीज), व्यावासिक उपक्रमों / उद्यमियों द्वारा प्रवर्तित एक संयुक्त उपक्रम (joint venture) हैं, लेकिन दिनांक 01.02.2009 से नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन (ncfc) को सोपें गए समस्त अधिकारों, कर्तव्यो तथा दायित्व एवं ख्याति (Good Will) को अपने स्वपर्वर्तित स्थानापन्न (Substitute) संसथान एन.सी.एफ.सी. ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को सोप दिया हैं|
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2. ncfc of India लिमिटेड क्या हैं?
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ncfc of india limited, नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन के प्रवर्तकों द्वारा प्रवर्तित, भारतीय कंपनी अधिनियम 1956 के आधीन निगमित एवं पब्लिक लिमिटेड कंपनी हैं तथा यह नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन का स्थानापन्न (Substitute) संस्थान हैं|
दिनांक 01.02.2009 के पूर्व तक जिन कार्यो, व्यवसायों, अधिकारों, कर्तव्यो, दायित्वों ख्याति (Good Will) लेन्दरियो-देनदारियों, भौतिक तथा कानूनी सम्पतियों आदि के क्रियान्वन का दायित्व नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन के पास था, अब वह ncfc of India Limited के पास होगा तथा ncfc of India Limited भी संक्षेप में ncfc के नाम से ही जाना - पहचाना जायेगा|
अर्थात
"नेशनल कैटल फीड कॉर्पोरेशन" अब हैं -
एन सी एफ सी इंडिया लिमिटेड, लेकिन निक नेम हैं, वही
अर्थात
"ncfc"
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आइये ncfc से जुड़े --> जुड़ने से लाभ होगा |
कैसे ?
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Message from Chairman
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"नेशनल केटल फीड कार्पोरेशन" के द्वारा देश में करवाये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार आज के आधुनिक विचार धारा तथा वैज्ञानिक द्रष्टिकोण रखने वाले कृषक दुग्ध उत्पादन को कृषि के सहायक उद्धम के रूप में नही वरन मुख्य उद्योग के रूप में अपनाना चाहते हैं |
ग्रामीण अंचलों में कृषकों के पिछडेपन के कारणों की जानकारी तथा देश में दुग्ध उत्पादन क्यों कम हैं, क्योंकि पशु पालन सिर्फ कृषि कार्यो तथा स्वयं के परिवार की दुग्ध संबंधी आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए ही करते हैं, व्यावसायिक रूप से दुग्ध उत्पादन को नही किया जाता इस प्रकार प्राकृतिक कृषि संसाधन होते हुए भी पशुपालन से आर्थिक लाभ नही ले पाते हैं | यही कारण हैं की देश की दुग्ध संबंधी समग्र आवश्यकताओं की पूर्ति नही हो पाती है | लेकिन अब कृषक पशुपालन को आर्थिक प्रयोजन से जोड़कर डेयरी को मुख्य उद्योग के रूप में अपना कर कृषि संसाधनों का भरपूर उपयोग करना चाहते हैं | ताकि वह आर्थिक रूप से संपन्न हो सके | लेकिन ऐसे कार्य में उन्हें वैज्ञानिक आधार पर पशुपालन की जानकारी का सर्वथा अभाव है | पशुपालन के वैज्ञानिक तरीके पर " पशु आहार तथा दुग्ध उत्पादन में प्रत्यक्ष सह संबंध " तथा दुग्ध वर्धक पशु आहार " के विषय में जानकारी दी गई वर्तमान में पशु से दुग्ध दोहन के समय कुछ पशुपालकों द्वारा हानिकारक रासायनिक इंजेक्शनो का इस्तेमाल किया जाता है, जो आर्थिक रूप से पशुपालकों को पशु के स्वास्थ्य हानि या दुग्ध के रूप में दुग्ध उपभोक्ता तीनो को ही हानि पहुँचाता है | अतः इस हेतु हानि रहित उत्पाद की आवश्यकता महसूस की जो पशुपालकों, पशुओ तथा उपभोक्ताओ तीनो के लिए लाभदायक हो | इस संबंध में अब संस्थान ने पशु पालकों को बताया की इस प्रकार के " सप्लीमेंट्री पशु आहार " पर ncfc के विशेषज्ञ शोध / कर प्रयोग कर रहे है तथा उन्हें आशातीत सफलता भी प्राप्त हो रही हैं |
कृषको को आर्थिक लाभार्जन हेतु पशुपालन अपनाकर "डेयरी को मुख्य उद्दम " के रूप में अपनाना होगा कृषकों को आर्थिक लाभार्जन हेतु पशुपालन अपनाकर "डेयरी को मुख्य उद्दम " के रूप में अपनाना होगा इसके लिए परंपरागत पशुआहरों की गुणवत्ता (Quality) वास्तविक पशु आहार के मापदंडो एवं अब तक प्रचलित पशु आहारों में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, वसा, फेट, रेसा, कैल्सियम, फास्फोरस, विटामिन ए एवं बी मेटावोलिक एनर्जी आदि अन्य आवश्यक तत्व नही होते है |
जबकि प्रचलित पशु आहार बड़े-बड़े दावे करते हैं क्योकि आम पशु आहारों की व्यावसायिक हितों को दृष्टिगत रखकर लाभार्जन हेतु बनाये जाते हैं जबकि ncfc जो भी उत्पाद बनती हैं उसमें मानवीय संवेदनाओ तथा समाज हित प्राथमिक होता हैं लाभार्जन गौण और ऐसे पशु आहारो से पशुओ को अपेक्षित लाभ नही होता है | और दुग्ध उत्पादन क्षमता तथा प्रजनन चक्र भी प्रभावित होता है |
इन्ही सब वास्तविकताओ को ध्यान में रखकर ncfc ने दुग्ध एवं रोग निरोधक क्षमता वृद्धि के साथ ही साथ नियमित प्रजनन चक्र प्रभावित ना हों, ऐसे प्राकृतिक तत्वों के मिश्रण द्वारा तैयार किया गया केटल फीड के निर्माण की परिकल्पना की गई |
ncfc द्वारा विपणित उत्पादित / सभी उत्पाद किसी व्यक्ति विशेष की व्यावसायिक परिकल्पना नहीं है | वरन ncfc स्वयं ही विभिन्न प्रतिष्ठित केटल फीड कंपनियों / इकाइयों (Units) का ज्वाइंट वेंचर है | जिनका मुख्य उद्देश्य " डेयरी को मुख्य उद्योग के रूप में अपनाने हेतु " प्रोत्साहित करना है , लाभार्जन गौण ( Secondry ) है |
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S. K. Bhardwaj Chairman
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